बाल दिवस पर निबंध हिंदी में – Bal Diwas Essay In Hindi

इस पोस्ट में आपको बाल दिवस ( Bal Diwas Essay ) पर निबंध पढ़ने को मिलेंगे|इस पोस्ट में चिल्ड्रेन्स डे ( Children’s Day In Hindi ) पर लिखे जाने वाले 4 निबंध दिए गए हैं| इसके साथ बाल दिवस से संबंधित सभी प्रश्नो के उत्तर आपको मिलेंगे जैसेकि ; बाल दिवस कब मनाया जाता है?, बाल दिवस क्यों मनाया जाता है?, बाल दिवस को मनाने का उद्देश्य क्या है?, पहली बार बाल दिवस कब मनाया गया? आदि सभी प्रश्नों के उत्तर आपको मिल जायेंगे| उम्मीद है आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आएगी|

Bal Diwas In Hindi
Bal Diwas In Hindi

Bal Diwas Essay In Hindi For All Class

पंडित जवाहरलाल नेहरू एक महान व्यक्ति थे। उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को प्रयागराज इलाहाबाद में हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था। मोतीलाल नेहरू एक प्रसिद्ध वकील थे। जवाहरलाल नेहरू की माता का नाम श्रीमती स्वरूपरानी था। जवाहरलाल अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा लाड प्यार मिला। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर से प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए उनको इंग्लैंड भेज दिया गया। जब वो इंग्लैंड गए तो उनकी आयु 15 वर्ष थी। वहां उन्होंने स्कूल में फिर कैंब्रिज विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। कानून की पढ़ाई पूरी कर भारत वापस लौट आए।

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उनकी शादी कमला नेहरू के साथ हुई। अपने देश लौटने के बाद नेहरू जी ने वकालत शुरू की। इस पर उनका मन नहीं लगा। भारत पर अंग्रेजों की हुकूमत उनको बेचैन करती थी और एक दिन उन्होंने महात्मा गांधी से मिलने का फैसला किया। उस समय महात्मा गांधी अंग्रेजो के खिलाफ कई आंदोलन कर रहे थे। इसी आंदोलन में नेहरू जी गांधी जी के साथ चल पड़े और भारत की आजादी तक गांधी जी के साथ रहे।

आजादी के बाद नेहरू जी देश के पहले प्रधानमंत्री बने। नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था और वह गरीब लोगों के भी हमदर्द थे। वह खुद को भारत का सच्चा सेवक मानते थे। भारत को एक सफल राष्ट्र बनाने के लिए नेहरू जी ने दिन-रात कड़ी मेहनत की। भारत की महान संतानों में से एक पंडित जवाहरलाल नेहरु भी है। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिनके पास दूरदृष्टि, ईमानदारी, कड़ी मेहनत, समझदारी, देशभक्ति और बौद्धिक शक्तियां थी। उन्होंने “आराम हराम है” का नारा दिया था।

उन्होंने भारत के लोगों के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन किया। उन्हें बच्चों से बेहद लगाव था इसलिए उनके वृद्धि और विकास के लिए कई योजनाएं बनाई। बच्चों के प्रति प्रेम को देखते हुए भारत सरकार ने उनके जन्मदिन पर हर साल बाल दिवस ( Bal Diwas ) के रूप में मनाने का फैसला किया।

Essay On children’s Day In Hindi ( Bal Diwas Essay )

14 नवंबर पूरे भारतवर्ष में चिल्ड्रेन्स डे ( Bal Diwas ) के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 14 नवंबर 1889 में पंडित जवाहरलाल नेहरु जी का जन्म हुआ था। नेहरू जी को बच्चों से बेहद स्नेह था। उनका मानना था कि किसी भी देश का भविष्य उस देश के बच्चों पर निर्भर करता है इसलिए उन्होंने अपने जन्मदिन को बाल दिवस ( children’s day ) के रूप में मनाने का निश्चय किया ताकि देश के बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया जाए, जैसे उनकी सेहत, मानसिक और शारीरिक विकास, शिक्षा आदि पर विशेष ध्यान दिया जाए।


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बच्चों को भी उनसे बेहद लगाव था और वे उन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। इसलिए 1956 से ही पूरे भारतवर्ष में 14 नवंबर बाल दिवस ( bal diwas ) के रूप में मनाया जाने लगा। पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को भारत के इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री मोतीलाल नेहरू और माता का नाम श्रीमती स्वरूपरानी था। भारतीय राजनीति में वे महान नेताओं में से एक थे। और स्वतंत्रता के बाद वे भारत के पहले प्रधानमंत्री बने।

बाल दिवस ( Bal Diwas ) सभी स्कूलों और कॉलेजों में बहुत उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन नृत्य, गायन, चित्रकला, पाठ इत्यादि जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाता है ताकि बच्चों की क्षमता और प्रतिभा को बढ़ावा मिले। बच्चे किसी भी देश के निर्माण खंड हैं। वे भारत के भविष्य के नागरिक हैं। तो आइए हम अपने बच्चों को ना केवल इस दिन बल्कि हर दिन एक स्वस्थ और बेहतर वातावरण देने की कोशिश करें। केवल तभी हम नेहरू जी के सपने को साकार कर सकेंगे।
धन्यवाद

Bal Diwas Par Nibandh In Hindi

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस को याद करने के लिए 14 नवंबर को पूरे भारत में बाल दिवस ( Bal Diwas ) मनाया जाता है। ढेर सारे उत्साह और आनंद के साथ हर वर्ष बाल दिवस के रूप में 14 नवंबर को मनाया जाता है। यह भारत के महान नेता को श्रद्धांजलि देने के साथ ही पूरे देश में बच्चों की स्थिति को सुधारने के लिए मनाया जाता है।

नेहरू जी के बच्चों के प्रति गहरे लगाव और प्यार की वजह से बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। बच्चों के प्रति उनके प्यार और जुनून की वजह से उनके जन्मदिवस को बचपन को सम्मान देने के लिए बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। लगभग सभी स्कूल और कॉलेजों में राष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ष उन्हें याद किया जाता है बच्चों पर ध्यान केंद्रित करने और उन्हें खुशी देने के लिए स्कूलों में बाल दिवस ( children’s day ) मनाया जाता है।

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एक राष्ट्रीय नेता और प्रसिद्ध हस्ती होने के बावजूद वह बच्चों से बेहद प्यार करते थे और उनके साथ खूब समय बिताते थे। इसे एक महान उत्सव के रूप में चिन्हित करने के लिए पूरे भारत के शैक्षिक संस्थान और स्कूलों में बहुत खुशी के साथ मनाया जाता है। स्कूल खुला रहता है जिससे बच्चे स्कूल जाए और सारी गतिविधियों और कार्यक्रमों में भाग ले। गीत, संगीत, कला, कविता, पाठ, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए शिक्षकों द्वारा आयोजित किए जाते हैं। जीतने वाले विद्यार्थियों को स्कूल की तरफ से सम्मानित किया जाता है।

इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करना केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि सामाजिक और संयुक्त संस्थानों के भी कर्तव्य हैं। विद्यार्थी मस्ती करते हैं क्योंकि वह कोई भी दूसरा रंग बिरंगा कपड़ा इस दिन पहन सकते हैं। कार्यक्रम का सम्मापन होने के बाद विद्यार्थियों को दोपहर के स्वादिष्ट भोजन के साथ मिठाइयां बांटी जाती है। अपने विद्यार्थियों के लिए शिक्षक भी कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं जैसे ड्रामा, डांस बच्चों को पिकनिक पर ले जाते हैं। इन पर बच्चों को सम्मान देने के लिए टीवी और रेडियो मीडिया द्वारा कार्यक्रम चलाया जाता है क्योंकि वह देश के भावी भविष्य होते हैं। राष्ट्रीय संपत्ति है और कल के भविष्य की एकमात्र उम्मीद होते हैं।

हर पहलू में बच्चों की स्थिति पर ध्यान देने के लिए चाचा नेहरू ने अपने जन्मदिन को बाल दिवस ( bal diwas ) के रूप में मनाने की घोषणा की, जिसे भारत के हर बच्चे का भविष्य बेहतर हो सके।
जय हिंद

Bal Diwas In Hindi Essay ( Children’s Day In Hindi Essay )

Children’s day in hindi

पंडित जवाहरलाल नेहरु जी को भारत के प्रसिद्ध व्यक्तियों में गिना जाता है और लगभग हर भारतीय उनके बारे में बहुत अच्छी तरह से जानता है। पंडित जवाहरलाल नेहरु जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद के एक कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्हें हम चाचा नेहरू के रूप में भी जानते हैं।

उनका जन्मदिन देश के बच्चों के लिए उनके महान प्रेम और स्नेह के कारण बाल दिवस ( Bal Diwas ) के रूप में मनाया जाता है। जवाहर लाल नेहरू के मुताबिक बच्चे देश का उज्जवल भविष्य हैं। नेहरू जी अच्छी तरह से जानते थे कि देश का उज्जवल भविष्य बच्चों के उज्जवल भविष्य पर ही निर्भर करता है। जवाहरलाल नेहरू के पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था और माता का नाम स्वरूपरानी यशोदा था।

उनके पिता इलाहाबाद के एक प्रसिद्ध वकील थे इसलिए उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड भेजा। नेहरु जी ने वहां वकालत पूरी की और 1912 में एक वकील के रूप में भारत लौट आए। भारत में पंडित जवाहरलाल नेहरू महात्मा गांधी जी से मिलने के बाद गांधी जी से बहुत प्रभावित हुए थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए बहुत संघर्ष किया था। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान जवाहरलाल नेहरू जी को कई बार जेल भेज दिया गया। इस प्रकार पंडित नेहरू जी ने भारत की आजादी के लिए बहुत संघर्ष किया था।

1916 में उन्होंने 27 साल की उम्र में कमला नेहरू से शादी की। उनकी पुत्री का नाम इंदिरा गांधी था। पंडित जवाहरलाल नेहरू एक महान राजनेता थे। हमेशा बच्चों को देशभक्त बनने के लिए प्रोत्साहित करते थे और उन्हें कड़ी मेहनत और बहादुरी से काम करने का सुझाव देते थे। क्योंकि नेहरू जी बच्चों को देश का भविष्य मानते थे।

इस प्रकार 27 मई 1964 को भारत की सेवा के दौरान दिल का दौरा पड़ने के कारण नेहरु जी का निधन हो गया। उनकी मृत्यु के बाद हर साल 14 नवंबर को उनका जन्मदिन बाल दिवस ( Bal Diwas ) के रूप में मनाया जाता है। चाचा नेहरू को उनके बलिदान और राजनीतिक उपलब्धियों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

Bal Diwas Short Essay In Hindi ( Children’s Day Essay In Hindi )

बाल दिवस यानी बच्चों का दिन। एक ऐसा दिन जो सिर्फ बच्चों के लिए समर्पित है। हर वर्ष 14 नवंबर को पूरे उत्साह के साथ भारत में बाल दिवस ( bal diwas ) मनाया जाता है। बच्चों के प्रति पंडित जवाहर लाल नेहरू का प्यार और जुनून की वजह से उनके जन्मदिवस पर बच्चों को सम्मान देने के लिए बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। वह बच्चों से काफी प्यार और लगाव रखते थे। भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने व्यस्त जीवन के बावजूद भी वह बच्चों से बेहद लगाव रखते थे।

बच्चों के प्रति उनके इस स्नेह भाव के कारण बच्चे भी उनसे बेहद लगाव और प्रेम रखते थे और उन्हें चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे। वे बच्चों में देश का भविष्य देखते थे। बाल दिवस ( Bal Diwas ) को मनाने का मुख्य मकसद बच्चों के अधिकारों और बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना है। चिल्ड्रन डे ( bal diwas ) बच्चों के लिए ढेर सारी खुशियां लेकर आता है। इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बच्चे इस दिन को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि वह इस दिन किसी भी प्रकार के रंगीन कपड़े पहनकर स्कूल जा सकते हैं। इस दिन बच्चों को देश भक्ति और पंडित नेहरू के जीवन के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी जाती है।

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