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Wildlife Sanctuary – हरियाणा में वन्य जीव अभ्यारण्य एवं प्रजनन केंद्रों की सूची

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इस ब्लॉग में हम हरियाणा के वन्य जीव अभ्यारण्य एवं प्रजनन केंद्रों की पूरी जानकारी जानेंगे। हरियाणा राज्य में 2 राष्ट्रीय पार्क, 8 वन्य जीवन अभयारण्य, 2 वन्य जीवन संरक्षण क्षेत्र, 4 पशु एवं पक्षी प्रजनन केंद्र, 1 हिरण पार्क तथा 50 जड़ी बूटी पार्क हैं, जिनका प्रबंधन वनों के विभाग हरियाणा सरकार के हरियाणा द्वारा किया जाता है। हरियाणा के वन्य जीवन तथा वन क्षेत्र मुख्यतया शिवालिक पहाडियों के तराई में उत्तर भारत में अरावली पर्वत श्रृंखला और दक्षिण हरियाणा में अरावली पर्वत श्रृंखला है। हरियाणा में अरावली पर्वत दिल्ली के तेंदुए वन्य जीवन गलियारे (जिसमें ‘पश्चिमी-दक्षिणी हरियाणा शिलिंग’ शामिल हैं) के भाग में सतनाली-दामत तोषा पर्वत श्रेणी शामिल है।

वन्य जीव अभ्यारण्य हरियाणा

हरियाणा में दो राष्ट्रीय उद्यान हैः-

1) सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान :-

यह राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सुल्तानपुर में स्थित है। यह पहले एक पक्षी अभ्यारण था, जिसे वर्ष 1989 में राष्ट्रीय पार्क बनाया गया। इस राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल 1.43 वर्ग किलोमीटर है। यह प्रवासी पक्षियो के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां शीत ऋतु में सैकड़ों पक्षी प्रवास करते हैं। जिनमें साइबेरियन सारस मुख्य रूप से प्रसिद्ध है। यहां पर हरियाणा का सर्वप्रमुख इको पार्क भी स्थित है।

2) कालेसर राष्ट्रीय उद्यान :-

यह राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा के पूर्वी भाग के यमुनानगर में स्थित है। यह उद्यान लाल जंगली मुर्गा के लिए प्रसिद्ध है। दिसंबर 2003 में इसे राष्ट्रीय पार्क घोषित किया गया था।

★ कालेसर वन्य जीव अभ्यारण :-

यह अभ्यारण यमुनानगर जिले में स्थित है। यह पयार्वरण हरियाणा का सबसे बड़ा वन्य जीव अभ्यारण है।यहां पर सांभर, चीतल, भौंकने वाले हिरण और नीलगाय आदि पाए जाते हैं। यह 11570 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। यह अभ्यारण पर्यटकों के आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र है।

★ हाथी पुनर्स्थापना एवं अनुसंधान केंद्र :-

हरियाणा के यमुनानगर जिले में बनसन्तौर जंगल में एक हाथी पुनर्स्थापना एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है। चौधरी देवीलाल प्राकृतिक पार्क भी यहां पर स्थित है।
हरियाणा के वन्य जीव अभयारण्य

★ बीर शिकारगढ़ वन्यजीव अभयारण्य :-

इसे वर्ष 1975 में अभयारण्य बनाया गया। यहां पर सांभर, चीतल, नीलगाय आदि निवास करते हैं।

★ गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र :-

यह पिंजौर में स्थित है। गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र (VCBC) हरियाणा वन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) की एक संयुक्त परियोजना है। यह तीन प्रजातियों के गिद्धों (सफेद पीठ वाले गिद्ध, लंबे चोंच वाले गिद्ध, और पतले चोंच वाले गिद्ध) को विलुप्त होने से बचाने के लिए एक सहयोगात्मक पहल है।

★ खोल-ही-रैतान वन्य जीव अभ्यारण:-

यह पंचकूला जिले में स्थित है। यहां पर चीतल, जंगली बिल्ली, सियार, जंगली बंदर पाए जाते हैं। (10.93 वर्ग किलोमीटर)

★ बीरबारा वन्यजीव संरक्षण केंद्र :-

यह जींद जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 2007 में की गई थी। यह 414 हेक्टेयर में फैला है।

★ छिलछिला वन्य जीव अभ्यारण:-

यह वन्य जीव अभ्यारण हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लगभग 29 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह अभ्यारण शीतकालीन पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। पर्यावरण की दृष्टि से यह एक संवेदनशील क्षेत्र है।

★ सरस्वती वन्यजीव अभयारण्यः-

सरस्वती वन्यजीव अभ्यारण को 29 जुलाई सन् 1988 को स्थापित किया गया था। यह मुख्य रूप से कैथल में स्थित है, लेकिन इसका कुछ हिस्सा कुरुक्षेत्र जिले में भी फैला हुआ है। इसे सुंदर जंगल के नाम से भी जाना जाता है। यह हरियाणा के कैथल जिले में 4452.85 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।

★ नाहर वन्यजीव अभयारण्य :-

यह वन्य जीव अभ्यारण हरियाणा के रेवाड़ी जिले स्थित में स्थित है। यहां पर मुख्य रूप से सियार, लोमड़ी और काला हिरण पाए जाते हैं। पर्यावरण की दृष्टि से इस अभ्यारण को जून 2009 में संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया।

★ हिरण पार्क:-

यह हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। यह उद्यान ढांसू मार्ग पर स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1970 में कि गई। इसका कुल क्षेत्रफल 42 एकड़ है।

★ अबुबशहर वन्य जीव अभ्यारण :-

यह अभ्यारण्य सिरसा जिले में अवस्थित है। यह अभ्यारण 11530.56 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है यहां पर मुख्य रूप से काला हिरन और चीतल पाए जाते हैं।

★ भिंडावास वन्य जीव अभ्यारण:-

यह अभ्यारण हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित है। इसका क्षेत्रफल 1074 एकड़ है। यह अभ्यारण अपनी सुंदर झील के लिए प्रसिद्ध है। यहां पक्षियों की लगभग 250 प्रकार की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। यह भूरे हंस, बत्तख, लाल बुलबुल, किंगफिशर आदि के लिए काफी प्रसिद्ध है। भारत सरकार ने इसे 3 जून, 2009 को पक्षी अभ्यारण के रुप में स्थापित किया।

★ खापरवास वन्यजीव अभ्यारण:-

यह वन्य जीव अभ्यारण विभिन्न प्रकारों के प्रवासी पक्षियो के लिए प्रसिद्ध है। यह झज्जर जिले में भिंडावास वन्य जीव अभ्यारण से मात्र 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभ्यारण 204.36 एकड़ में फैला हुआ है।
वर्ष 1991 में इसे मान्यता प्रदान की गई।

हरियाणा के वन्य जीव अभयारण्य

कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

रेड जंगल फाउंल प्रजनन केंद्र पिंजौर (पंचकूला) में स्थित है
◆ गिद्धों पर अध्ययन करने वाला हरियाणा भारत का सबसे पहला राज्य है।
फिसेंट (तीतर) प्रजनन केंद्र मोरनी ( 1992-93) पंचकूला जिले में स्थित है।
कालेसर वन्य जीव अभ्यारण में भौंकने वाले हिरण निवास करते हैं।
नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी की स्थापना पिंजौर (पंचकूला) में की गई है।
मगरमच्छ प्रजनन केंद्र ( 1981-82 ) भौर सौदान ( कुरुक्षेत्र ) में स्थित है।
काला तीतर प्रजनन केंद्र पिपली ( कुरुक्षेत्र ) में स्थित है।
◆ छोटा चिड़ियाघर ( 1985-86 ) पिपली में स्थित है।
मयूर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र झबुआ ( रेवाड़ी ) में स्थित है।
चिंकारा प्रजनन केंद्र कैरू ( भिवानी ) में स्थित है।


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