Nobel Prize Winner In India

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Nobel Prize Winner In India

नोबेल पुरस्कार की शुरुआत कब हुई तथा किन क्षेत्रों में दिए जाते है

नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार माना जाता है एंव यह पुरस्कार विश्व के सर्वश्रेष्ठ लोगों को मिलता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1901 से हुई और इसे एल्फ़्रेड नोबेल (Alfred Nobel) के नाम पर रखा गया। एल्फ़्रेड नोबेल (Alfred Nobel) स्वीडन के निवासी थे| उन्होंने डायनामाईट (Dynamite) का आविष्कार किया था। नोबेल पुरस्कार भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), चिकित्सा विज्ञान (Physiology or Medicine), साहित्य (Literature) और शांति (Peace) के क्षेत्र में उत्कर्ष कार्यों के लिए दिये जाते हैं




नोबेल पुरुस्कार कब दिए जाते है


नोबेल पुरस्कार समारोह हर साल 10 दिसंबर को आयोजित किए जाते हैं । 1896 में इसी दिन अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु हुई थी ।


आर्थिक विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार


आर्थिक विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 1969 में स्थापित किया गए थे जिसके पहले प्राप्तकर्ता नार्वे के रैगनार फ्रिस्च और नीदरलैंड के जन टिनबेर्गेन थे ।




नोबेल पुरुस्कार किस शहर में दिए जाते है 

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता के अतिरिक्त सभी क्षेत्रों के नोबेल पुरस्कार विजेताओं को स्टॉकहोम, स्वीडन में सम्मानित किया जाता है । नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को ओस्लो, नॉर्वे में सम्मानित किया जाता है ।

शांति का नोबेल पुरुस्कार किस शहर में दिया जाता है

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को ओस्लो, नॉर्वे में सम्मानित किया जाता है ।


Nobel Prize Winner In IndiaNobel Prize Winners Indian

भारत को विश्वगुरु (vishvguru) कहा जाता है एंव विश्वभर में भारतीयों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है| कई भारतीयों को उनके उत्कर्ष कार्यों के लिए नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है| तो आईये जानते है कि अब तक किन भारतीयों को नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित (Indian who won nobel prize) किया जा चुका है।

अमर्त्य सेन (जन्मः 1933)

अर्थशास्त्र के लिए 1998 का नोबेल पुरस्कार ( nobel prize ) प्राप्त करने वाले प्रोफेसर अमर्त्य सेन पहले एशियाई हैं। शांति निकेतन में जन्मे इस विद्वान अर्थशास्त्री ने लोक कल्याणकारी अर्थशास्त्र की अवधारणा का प्रतिपादन किया है। उन्होंने कल्याण और विकास के विभिन्न पक्षों पर अनेक पुस्तकें तथा पर्चे लिखे हैं। प्रोफेसर सेन आम अर्थशास्त्रियों के समान नहीं हैं। वह अर्थशास्त्री होने के साथ-साथ, एक मानववादी भी हैं। उन्होंने, अकाल, गरीबी, लोकतंत्र, स्त्री-पुरुष असमानता और सामाजिक मुद्दों पर जो पुस्तकें लिखी हैं, वे अपने-आप में बेजोड़ हैं। केनेथ ऐरो नाम के एक अर्थशास्त्री ने असंभाव्यता सिद्धांत नाम की अपनी खोज में कहा था कि व्यक्तियों की अलग-अलग पसंद को मिलाकर समूचे समाज के लिए किसी एक संतोषजनक पसंद का निर्धारण करना संभव नहीं है। प्रोफेसर सेन ने गणितीय आधार पर यह सिद्ध किया है कि समजा इस तरह के नतीजों के असर को करने के उपाय ढूंढ सकता है।


सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर(1910-1995)

 सन 1983 में भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर खगोल भौतिक शास्त्री थे। उनकी शिक्षा चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में हुई। वह नोबेल पुरस्कार विजेता सर सी.वी. रमन के भतीजे थे। बाद में चंद्रशेखर अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने खगोल भौतिक शास्त्र तथा सौरमंडल से संबंधित विषयों पर अनेक पुस्तकें लिखीं। उन्होंने ‘व्हाइट ड्वार्फ’ यानी श्वेत बौने नाम के नक्षत्रों के बारे में सिद्धांत का प्रतिपादन किया। इन नक्षत्रों के लिए उन्होंने जो सीमा निर्धारित की है, उसे चंद्रशेखर सीमा कहा जाता है। उनके सिद्धांत से ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में अनेक रहस्यों का पता चला।

मदर टेरेसा (1910-1997)


मदर टेरेसा को 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला। मदर का जन्म अल्बानिया में स्कोपजे नामक स्थान पर हुआ था, जो अब यूगोस्लाविया में है। उनका बचपन का नाम एग्नस गोंक्सहा बोजाक्सिऊ था। सन 1928 में वह आयरलैंड की संस्था सिस्टर्स आफ लोरेटो में शामिल हुईं और मिशनरी बनकर 1929 में कोलकाता आ गईं। उन्होंने बेसहारा और बेघरबार लोगों के दुख दूर करने का महान व्रत लिया। निर्धनों और बीमार लोगों की सेवा के लिए उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी नाम की संस्था बनाई और कुष्ठ रोगियों, नशीले पदार्थों की लत के शिकार बने लोगों तथा दीन-दुखियों के लिए निर्मल हृदय नाम की संस्था बनाई। यह संस्था उनकी गतिविधियों का केंद्र बनी। उन्होंने पूरी निष्ठा से न सिर्फ बेसहारा लोगों की निःस्वार्थ सेवा की, बल्कि विश्व शांति के लिए भी प्रयास जारी रखे। उन्हीं की बदौलत भारत शांति के लिए अपने एक नागरिक द्वारा नोबेल प्राप्त करने का गौरव प्राप्त कर सका है।


हरगोबिंद खुराना (1922-2011)

हरगोबिंद खुराना को चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया। भारतीय मूल के डॉ. खुराना का जन्म पंजाब में रायपुर (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था। उन्होंने लिवरपूल विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में डाक्टरेट की डिग्री ली। सन 1960 में वह विस्कौसिन विश्वविद्यालय में प्राध्यापक बने। उन्होंने अपनी खोज से आनुवांशिक कोड की व्याख्या की और प्रोटीन संश्लेषण में इसकी भूमिका का पता लगाया।

चंद्रशेखर वेंकटरमन (1888-1970)

भौतिक शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय डॉ. चंद्रशेखर वेंकटरमन थे। उन्हें 1930 में यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। रमन का जन्म तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली के पास तिरुवाइक्कावल में हुआ था। उन्होंने चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की। बाद में वह कोलकाता विश्वविद्यालय में भौतिक शास्त्र के प्रोफेसर बने। चंद्रशेखर वेंकटरमन ने अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए। उन्हें ‘सर’ की उपाधि से भी सम्मानित किया गया और प्रकाशकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुसंधान के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने अपने अनुसंधान में इस बात का पता लगाया कि किस तरह अपसरित प्रकाश में अन्य तरंग, लंबाई की किरणें भी मौजूद रहती हैं। उनकी खोज को रमन प्रभाव के नाम से भी जाना जाता है। सन 1928 में की गई इस खोज से पारदर्शी माध्यम से होकर गुजरने वाली प्रकाश किरणों में आवृत्ति परिवर्तन की व्याख्या की गई है।

रवींद्रनाथ टैगोर (1861-1943)

रवींद्रनाथ ठाकुर, साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय थे। ‘गुरुदेव’ के नाम से प्रसिद्ध रवींद्रनाथ ठाकुर का जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में हुआ। उन्हें उनकी कविताओं की पुस्तक गीतांजलि के लिए 1913 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया। रवींद्रनाथ ठाकुर ने अनेक प्रेमगीत भी लिखे हैं। गीतांजलि और साधना उनकी महत्वपूर्ण कृतियां हैं। महान कवि, नाटककार और उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध ‘गुरुदेव’ ने भारत के राष्ट्र गान का भी प्रणयन किया। सन 1901 में उन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना की, जो बाद में विश्वभारती विश्वविद्यालय के नाम से प्रसिद्ध हुआ।


कैलाश सत्यार्थी ( Kailash Satyarthi ) 


कैलाश सत्यार्थी ( Kailash Satyarthi ) को बाल अधिकारों की रक्षा एंव बाल श्रम के विरूद्ध लड़ाई के लिए वर्ष 2014 में नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है| उन्होंने बचपन बचाओ आन्दोलन (Bachpan Bachao Andolan) की स्थापना की और विश्व भर में हजारों बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य किया| उन्हें पाकिस्तान की मलाला युसुफ़जई (Malala Yousafzai) के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति  पुरुस्कार से सम्मानित किया गया |




नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय 

रवींद्रनाथ टैगोर 


प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय
नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी
नोबेल शांति पुरस्कार किस शहर में दिया जाता है
नोबेल पुरस्कार पाने वाली प्रथम भारतीय महिला

भारत सूची में नोबेल पुरस्कार विजेता
नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय सूची
नोबेल पुरस्कार कहा दिया जाता है
नोबेल शांति पुरस्कार किस शहर में दिया जाता है


First Nobel Laureate Indian
Nobel laureate Kailash Satyarthi
In which city is the Nobel Prize given?
First Indian woman to get Nobel Prize


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