Top 3 Bal Diwas Speech ( Children’s Day Speech ) In Hindi – बाल दिवस

हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका इस ब्लॉग में। इस पोस्ट में हम बाल दिवस हिंदी भाषण ( Bal diwas hindi speech ) आपके साथ साझा करेंगे। आप स्कूल व कॉलेजों में बाल दिवस ( Bal diwas speech ) के दिन ये भाषण दे सकते हैं। अगर आप चाहें तो बाल दिवस के इन भाषणों में कुछ बदलाव भी कर सकते हैं। इस पोस्ट में आपको बाल दिवस ( Bal diwas 3 best speech in hindi ) पर 3 हिंदी भाषण मिलेंगे। इन तीनों में से जो आपको अच्छा लगे उसी को आप बाल दिवस के दिन ( Bal diwas ) अपने स्कूल या कॉलेज में भाषण ( speech ) दे सकते हैं। उम्मीद करता हूँ आपको ये भाषण पसन्द आएंगे।

Children Day Long Speech ( Bal Diwas Long Speech )

Happy children's day ( Bal Diwas )
Happy children’s day ( Bal Diwas )

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, सभी अध्यापकगण, साथी विद्यार्थियों, आए हुए सभी मेहमानों को मेरा नमस्कार। जैसे कि आप सब जानते हैं आज हम सभी यहां बाल दिवस ( children’s day ) मनाने के लिए उपस्थित हुए हैं। इस अवसर पर मैं अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूं। अगर मुझसे किसी भी प्रकार की गलती हो जाये तो मुझे नादान समझकर माफ कर दीजिएगा।

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आज का दिन हम बाल दिवस ( Bal Diwas ) के रूप में मनाते हैं। आज का दिन 14 नवंबर हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी का जन्मदिवस है। नेहरू जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे इसलिए हम सभी उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में मनाते हैं। बच्चे देश का भविष्य होते हैं आने वाले कल की बागडोर उनके हाथ में होती है। अगर उन्हें अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलेंगे तो हमारे देश का आने वाला भविष्य भी सुनहरा होगा। इसलिए हम सबको मिलकर ये प्रयत्न करना चाहिए कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलें।

हर साल 1 जून को अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस ( International Bal Diwas ) पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है और 14 नवंबर को भारत में बाल दिवस ( Children’s Day In India ) के रूप में मनाया जाता है।चाचा नेहरू बच्चों से बात करना, उनके साथ खेलना बहुत पसंद करते थे। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए वे बच्चों के साथ समय बिताते थे। वे बच्चों को अच्छा नागरिक और देशभक्त बनाने को प्रेरित करते थे।

उनका मानना था कि बच्चे देश का भविष्य हैं। बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए। घर बच्चों की पहली पाठशाला होती है माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों में अंदर अच्छे संस्कार विकसित करें। चाचा नेहरू का कहना था कि देश में लड़का – लड़की को लेकर किसी तरह का पक्षपात नहीं होना चाहिए। बेटा होने पर घर के लोग खुशी मनाते हैं जबकि बेटी के जन्म पर लोग दुखी होते हैं। ऐसा भेदभाव करना सरासर गलत है। बेटियां अनमोल है जिनके साथ भेदभाव करना सही नहीं है।

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चाचा नेहरू का मानना था कि यदि हमारे देश के बच्चे योग्य, शिक्षक और हुनरमंद बन जाएंगे तो देश बहुत आगे जाएगा। आज के दिन बेटियां भी देश का नाम रोशन कर रही है। सुनीता विलियम्स अमेरिका एजेंसी नासा के जरिए अंतरिक्ष की यात्रा करने वाली दूसरी महिला बन गईं उन्होंने अंतरिक्ष में 195 दिन रहने का विश्व कीर्तिमान बनाया है।

कल्पना चावला देश की पहली अंतरिक्ष यात्री थी। सानिया नेहवाल, सानिया मिर्जा, पीवी सिंधु, ज्वाला गट्टा जैसी बेटियां देश का नाम रोशन कर रही है। आज देश की बेटियां भी देश का नाम रोशन करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। हमें भी बेटे या बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। बच्चों को अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। अपने शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना चाहिए। उनके द्वारा बताए गए नियमों का पालन करना चाहिए ताकि वो एक अच्छे नागरिक बन सकें।

हमें ये कोशिश करनी चाहिए कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, जिससे उनका शारिरिक ओर मानसिक विकास हो। आज हमारे देश में सरकार ने 1 से 14 साल के बच्चों की शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है। यह शिक्षा एवं बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के अंतर्गत आता है। यह प्राथमिक शिक्षा पूरी तरह से निशुल्क है। स्कूलों में बच्चों को मुफ्त किताबें, ड्रेस, जूते, मोजे आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे कोई भी बच्चा अशिक्षित ना रह जाए हमारे देश की सरकार अपने कर्तव्यों के प्रति सोचने लगी है।

देश में बाल मजदूरी पर रोक लगा दी गई है। किसी भी दुकान, फैक्ट्री आदि में बच्चे अगर काम करते हुए पाए जाएंगे तो मालिक को जेल भेजा जाएगा। आज हमें भी जागरूक होने की जरूरत है। हमें भी इस मुहिम में सरकार का साथ देना चाहिए कि कोई भी बच्चा अशिक्षित ना रहे।

साल 1956 में पहली बार बाल दिवस ( First Bal Diwas ) हमारे देश में मनाया गया। जिस दिन बच्चों को मिठाईयां, गुब्बारे और अन्य चीजें बांटी गई। आज का दिन बहुत खास हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू तथा उनकी माता का नाम स्वरूपरानी था। नेहरू जी उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए थे। वहाँ से वे भारत आ गए और देश की आजादी के लिए प्रयास करने लगे।

देश की आजादी के लिए नेहरू जी को कई बार जेल जाना पड़ा था। पंडित नेहरू एक महान लेखक भी थे। 15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ तो उनको देश का प्रथम प्रधानमंत्री बनाया गया। वह अपनी पुत्री इंदिरा गांधी जी को बहुत प्यार करते थे। उनको पत्र भी लिखते थे। इंदिरा गांधी को लिखे पत्रों में भारत की सांस्कृतिक धरोहर तथा विभिन्नता में एकता देखने को मिलती है।

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पंडित नेहरू को पुस्तकें पढ़ने और लिखने का बहुत शौक था। अपने व्यस्त राजनीतिक जीवन में भी वह किताबें पढ़ने का समय निकाल लेते थे। उन्होंने “मेरी कहानी” जैसी पुस्तक लिखी है।

उन्होंने 1928 के असहयोग आंदोलन, 1929 में सविनय अवज्ञा आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और जेल भी गए। उन्होंने सभी विदेशी वस्तुओं का त्याग कर दिया था। महात्मा गांधी से मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। अंग्रेजों को देश से खदेड़ने को विवश कर दिया। हम सभी बच्चों को चाहिए कि चाचा नेहरू के आदेशों का पालन करें। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर दिखाएं।

जबकि देश में बहुत से बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। धन के अभाव में उनको ना तो उचित भोजन मिल पा रहा है और ना ही स्कूल जाने का अवसर मिलता है। पेट की आग बुझाने के लिए कच्ची उम्र में बच्चे काम करने को मजबूर हो जाते हैं। भारत में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार देश में 2001 में 5 से 14 साल की उम्र की कुल डेढ़ करोड़ बच्चे बाल मजदूरी करने को मजबूर थे।

हम सभी को मिलकर ये निर्णय लेना चाहिए कि देश के बच्चों को उनका हक दिलाकर रहेंगे, उनका शोषण बंद करेंगे, उनको पढ़ने के लिए स्कूल भेजेंगे। ताकि हमारे देश का भविष्य सुरक्षित रहे। अगर हम सभी मिलकर प्रयास करें तो हमारे लिए ये कोई बहुत बड़ा कार्य नहीं है। इसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा, एकजुट होना होगा तभी ये सम्भव हो पायेगा और हम बच्चों की रक्षा करके उन्हें अच्छी शिक्षा प्रदान करेंगे तो निश्चय ही हमारे देश का भविष्य सुनहरा होगा।

बाल मजदूरी, गरीबी, कुपोषण की समस्या को पूरी तरीके से खत्म करेंगे। यदि हमें पंडित नेहरू के सपनों को साकार करना है तो देश के बच्चों को उनका हक दिलाना होगा। इसी के साथ में अपना भाषण समाप्त करता हूं। और उम्मीद करता हूँ कि इस विषय पर हम सब एकजुट होंगे और हर सम्भव प्रयास करेंगे।
धन्यवाद

Bal Diwas Short Speech In Hindi

Bal Diwas Speech In Hindi
Bal Diwas Speech In Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, देवतुल्य गुरुजन और मेरे प्यारे साथियों को नमस्कार। आज मैं बाल दिवस के पावन अवसर पर चंद शब्द कहना चाहूंगा / चाहूंगी। यहां उपस्थित मेरे सभी सहपाठियों और गुरुजनों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ( Happy children’s day )। आज 14 नवंबर है संपूर्ण भारत में इस दिन को बाल दिवस ( Bal Diwas ) के रुप में मनाया जाता है। 14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन है। नेहरू जी के जन्मदिन को ही बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

पंडित नेहरू को बच्चों के प्रति बहुत प्यार और लगाव था इसलिए उनके जन्मदिन को हर साल बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। पंडित नेहरू हमेशा बच्चों के बीच रहना पसंद करते थे उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था इसलिए बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। नेहरू जी हमेशा कहते थे कि बच्चे राष्ट्र का भविष्य है और इसलिए उनकी परवरिश प्यार और स्नेह से की जानी चाहिए।

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भारत में लगभग सभी स्कूलों में बाल दिवस ( Bal Diwas India ) बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं छात्र पंडित नेहरू के बारे में भाषण देते हैं। सभी प्रतियोगिताओं में बच्चे बड़े उत्साह से हिस्सा लेते हैं। बच्चे इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि उन्हें ढेर सारी खुशियां मिलती है। इस दिन स्कूलों में बच्चों को टॉफियां बांटी जाती हैं। कई स्कूलों में बच्चों को गिफ्ट दे दिए जाते हैं।

यह दिन सभी को यह भी याद दिलाता है कि बच्चों को बेहतर बचपन प्रदान किया जाना चाहिए और उन्हें हर खतरे से बचाया जाना चाहिए। निसंदेह बच्चे राष्ट्र की मूल्यवान संपत्ति है। इसलिए उन्हें अच्छी शिक्षा और बुनियादी अधिकारों के साथ अच्छी देखभाल भी मिलनी चाहिए। एक बार फिर से आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। इसी के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता / करती हूं। मेरे विचारों को व्यक्त करने का इतना प्यार देने के लिए आप सभी का धन्यवाद।

Bal Diwas ( Children’s Day ) Speech

Bal Diwas
Bal Diwas

मेरे सभी अध्यापकों व मित्रों आदि को मेरा सादर नमस्कार। यह मेरा सौभाग्य है कि मैं आज आप सभी के सामने खड़ा/खड़ी होकर बाल दिवस पर भाषण ( Bal Diwas Speech ) दे रहा/रही हूं। इसके लिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करता/करती हूं। बाल दिवस के इस भाषण में मेरे द्वारा अगर किसी गलत शब्द का प्रयोग हो जाए तो मुझे नादान समझ कर माफ कर देना।

आज की सुबह आप सभी के लिए एक संकेत है। इसमें आपके भविष्य को बदलकर रखने की ताकत है। इसमें आपका भविष्य छुपा है। आज बाल दिवस के दिन मैं आपको यह बताने की कोशिश कर रहा/रही हूं कि बच्चों का हमारे जीवन में क्या प्रभाव होता है।

एक बच्चे से एक सुनहरे भविष्य की कल्पना की जा सकती है। बच्चे ही देश का भविष्य निर्धारित करते हैं। एक पौधा जैसे धीरे-धीरे बड़ा होकर एक बड़े पेड़ में बदल जाता है ठीक उसी तरह ही बच्चे भी बड़े होकर अपने कर्तव्यों पर खरा उतर कर अपने माता-पिता तथा अपने संस्कारों का नाम रोशन करते हैं।

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बच्चे उस माटी की तरह होते हैं जिस माटी को पहले खेत से लेकर एक मर्तबान में तब्दील किया जाता है। माटी को पता भी नहीं होता कि उसके साथ क्या हो रहा है लेकिन कुछ समय के बाद जब उसका आकार एक मर्तबान में बदल जाता है तो उसकी कीमत बदल जाती है खेत की मिट्टी किसी के आंगन की शोभा बन जाती है। ओर एक सुंदर रूप ले लेती है।

बच्चों का जीवन भी कुछ इसी तरह का होता है। बाल दिवस का महत्व बहुत मायने रखता है। बाल दिवस इसलिए मनाया जाता है कि हम सभी लोग बच्चों के भविष्य के लिए जागरूक हो जाएं। बाल दिवस हमें यह बताने के लिए होता है कि आज के बच्चे कल के नेता व महान लोग बन सकते हैं। जिसके लिए उनके भविष्य की सोच कर नए फैसले लिए जाएं। जिस तरह एक बुजुर्ग को लाठी की जरूरत होती है ठीक उसी तरह बच्चों को भी नए जोश और नई ताकत की जरूरत पड़ती रहती है।

14 नवम्बर के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी का जन्मदिन होता है जिसे हम बाल दिवस ( Bal Diwas ) के नाम से भी जानते हैं। नेहरू जी को बच्चों से बहुत प्यार था। नेहरू जी ने बच्चों के लिए ढेर सारे नियम व कई सेवाएं उपलब्ध करवाई। मुख्य रूप से बाल दिवस का सरकारी अवकाश होना। एक महान योद्धा अपने देश की रक्षा करता है उसी प्रकार भारत का एक-एक बच्चा अपने देश की आन के लिए प्राण त्यागने को तैयार रहता हैं।

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मेरी आप सभी से एक ही गुजारिश है कि आप किसी को अगर दान देना चाहते हो तो पैसे के बदले किताब दे देना। शायद उसकी जिंदगी बदल जाए। 14 साल के बच्चों को काम पर लगाना गैरकानूनी कार्य है लेकिन आज भी कई ऐसे बच्चे हैं जो अपने घर की मजबूरियों के चलते कम उम्र में ही नौकरी पर लग जाते हैं।

अगर आपसे यह हो पाए तो कभी किसी छोटे मासूम बच्चे से काम मत करवाना और ना ही किसी अन्य को करवाने देना। आपका बहुत बड़ा एहसान रहेगा। इस देश के भविष्य की रक्षा में ये एक बहुत बड़ा कदम होगा। आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक बधाई। इसी के साथ मे अपना भाषण समाप्त करता / करती हूं।

धन्यवाद

आशा करता हूँ दोस्तों आपको बाल दिवस के ये भाषण ( Bal diwas speech in hindi ) काफी पसंद आएंगे। अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। अगर आपको किसी प्रकार की कोई गलती लगे या कोई सुझाव हो तो हमें कंमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत – बहुत धन्यवाद।

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