स्वच्छ भारत अभियान पर हिंदी निबंध – Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi

इस पोस्ट में हम स्वच्छ भारत अभियान पर हिंदी में निबंध Swachh Bharat Abhiyan In Hindi Essay लिखा है। साथ ही हमने बताया है कि स्वच्छ भारत अभियान कब शुरू हुआ?, स्वच्छ भारत मिशन क्या है?, स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य क्या है? हमने इस लेख में स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission In Hindi ) के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें ताकि आपको स्वच्छ भारत अभियान से सम्बंधित सभी बातें पता चल सके।

स्वच्छ भारत अभियान क्या है? ( What Is Swachh Bharat Abhiyan )

Swachh Bharat Abhiyan In Hindi
Swachh Bharat Abhiyan In Hindi

स्वच्छ भारत मिशन, भारत को स्वच्छ बनाने की एक मुहिम है। इससे पहले “निर्मल भारत अभियान” चल रहा था उसी का नाम बदलकर “स्वच्छ भारत अभियान” या “स्वच्छ भारत मिशन” किया गया। जिसका अन्य नाम “स्वच्छता अभियान” भी है।

Swachh Bharat Abhiyan Kab Shuru Hua

इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी जी ने राजघाट से की थी। यह जो अभियान है यह भारत में साफ – सफाई के लिए शुरू किया गया। यह एक ऐसी सरकारी योजना है जिससे डायरेक्ट बेनिफिट नहीं होगा। सरकार का लक्ष्य एक राष्ट्रीय आंदोलन को खड़ा करने का था। दूसरा लक्ष्य 2019 में महात्मा गांधी के 150वें जन्म दिवस पर देश को खुले में शौच से मुक्त बनाना था। और इसके लिए बजट 62 हजार करोड़ रुपये का था।

इस स्वच्छता अभियान के दो भाग है –

  1. स्वच्छ भारत ग्रामीण
  2. स्वच्छ भारत शहरी

क्योंकि स्वच्छता राज्य का विषय है इसलिए राज्यों को पूरी स्वायत्तता दी जाएगी की इस योजना को ओर बेहतर करने के लिए राज्य इसमें कुछ बदलाव करें। स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan ) में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग अलग सिस्टम बनाया गया है।

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स्वच्छ भारत मिशन का आदर्श वाक्य ( Swachh Bharat Abhiyan Ka Aadrash Vaky )


स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan ) का आदर्श वाक्य है “एक कदम स्वच्छता की ओर”

स्वच्छ भारत मिशन का प्रतीक ( Swachh Bharat Abhiyan Logo )

स्वच्छ भारत मिशन ( Swachh Bharat Mission ) का प्रतीक चिन्ह गांधी जी का चश्मा है जिसमें स्वच्छ भारत लिखा हुआ है।

स्वच्छ भारत अभियान कौनसा मंत्रालय चला रहा है

स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan ) पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के सभी कार्य पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ही सम्भाल रहा है।

स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य ( Swachh Bharat Abhiyan Ke Uddeshya )

स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan ) के उद्देश्य निम्नलिखित है:-

  1. खुले में मल त्याग को समाप्त करना
  2. हाथों से मल की सफाई को रोकना
  3. तकनीक का प्रयोग करके कचरे का पुनः उपयोग

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Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi – निबंध

“स्वच्छ भारत अभियान” ( Swachh Bharat Abhiyan ) प्रधानमंत्री मोदी एवं भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है। यह अभियान राष्ट्रीय स्वच्छता की ओर ध्यान देने वाला अभियान है। हालांकि इसके पहले की सरकारों द्वारा भी अलग – अलग नाम से अलग-अलग तरीके से कुछ अभियान शुरू किए गए परंतु मोदी सरकार द्वारा शुरू किये गए इस अभियान में पहले की तुलना में लोगों में काफी ज्यादा जागरूकता आई है।

Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi
Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi

यह अभियान काफी सफल रहा है। स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan ) को प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद शुरू किया गया था। इसकी घोषणा उन्होंने महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2014 को आधिकारिक तौर पर की थी। इस उपलक्ष में उन्होंने दिल्ली के राजघाट में यह घोषणा की एवं उन्होंने स्वयं सफाई करके यह अभियान शुरू किया। इस अभियान में भारत के सभी हिस्से के लगभग तीन मिलियन सरकारी कर्मचारी, स्कूल और कॉलेज के छात्र शामिल थे। यह मिशन अपने आप में दो भागों में बटा हुआ है।

पहला “स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण ( Swachh Bharat Abhiyan Gramin )” और दूसरा “स्वच्छ भारत अभियान शहरी ( Swachh Bharat Abhiyan Urban )”।


स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण :- इसका संचालन पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर साफ सफाई के कार्य को सम्भालना है।

स्वच्छ भारत अभियान शहरी इसका संचालन आवास और शहरी मंत्रालय के तहत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी स्तर पर सफाई कार्य को संभालना है।

इस अभियान की घोषणा के दौरान मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan Logo ) के लोगो के बारे में भी बात की। स्वच्छ भारत अभियान का लोगो गांधीजी के चश्मे की तरह है जिसमें स्वच्छ भारत लिखा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह लोगों को यह दर्शाता है कि गांधीजी इस चश्मे के माध्यम से देख रहे हैं कि उनके द्वारा शुरुआत की गई यह पहल कितना काम कर रही है कैसे काम कर रही है और देश कौन-कौन से नागरिक इसमें हिस्सा लेने के लिए तत्पर है। इस अभियान को शुरू करने के साथ एक टैगलाइन भी जारी की गई “एक कदम स्वच्छता की ओर”।

इसे महात्मा गांधी की जयंती पर इसलिए शुरू किया गया क्योंकि उन्होंने देश को स्वच्छ देखने का सपना देखा था। महात्मा गांधी के इस सपने को पूरा करने के लिए देश मे जिन जिन सरकारों ने सत्ता संभाली सभी ने इसके लिए कार्य किया। लेकिन मोदी सरकार द्वारा शुरू किया गया यह अभियान लोगों में जागरूकता फैलाने में सफल होता नजर आ रहा है। और देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए यह एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।

देश की स्वच्छता सुनिश्चित करने, अच्छे शौचालय बनवाने एवं कचरे के उपयुक्त प्रबंधन के लिए इसे शुरू किया गया। गांधी जी के विचारों की बात की जाए तो देश को स्वच्छता की और अग्रसर करने का विचार सबसे पहले गांधी जी द्वारा ही व्यक्त किया गया।

गांधी जी का मानना था की अंग्रेजों द्वारा देश मे जो गन्दगी फैली है उसे खत्म करने के साथ – साथ हमारे देश की गंदगी को साफ करना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसके लिए कई प्रयास किए। लेकिन उस समय लोग इसके प्रति इतने जागरूक नहीं थे इसी वजह से उनका यह सपना अधूरा रह गया और इतने साल बाद भी देश के लोग गन्दगी में रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।

स्वच्छ भारत अभियान ( Swachh Bharat Abhiyan ) का सबसे बड़ा लक्ष्य भारत के सभी शहरों और गांवों में शौचालय को बनवाना एवं पूरे देश की सड़कों को और इंफ्रास्ट्रक्चर को स्वच्छ बनाना है। इस अभियान के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह सभी स्कूलों और कॉलेजों में शौचालय की सफाई और उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य 2 अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत के दृष्टिकोण को पूरा करना है। यह तिथि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है। इस अभियान में 62 हजार करोड़ रुपए तक का निवेश करने की बात की गई है। इसके अलावा सरकार ने इस राजनीति से परे एवं देश भक्ति से प्रेरित होने के रूप में लेने के लिए कहा है।


Swachh Bharat Abhiyan के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य इस प्रकार हैं पहला भारत में खुले में शौच की व्यवस्था को कम करना
अव्यवस्थित शौचालयों को व्यवस्थित शौचालय में परिवर्तित करना|
हाथ से सफाई करने की प्रणाली को हटाना लोगों में व्यावहारिक परिवर्तन लाने के साथ-साथ उन लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की प्रथाओं के बारे में जागरूक करना सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने के लिए लोगों को स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के कार्यक्रमों से जोड़ना|
पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रोसेस शुरू करने के लिए डिस्पोजेबल का पुनः उपयोग और ठोस कचरे की रिसाइक्लिंग करना|
इस अभियान को शुरू करने के लिए और सभी उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए बहुत सारी योजनाएं भी चलाई गई|


पहली योजना थी शौचालयों को बनवाना ओर उन्हें उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक करना
मोदी जी ने देश में स्वच्छता अभियान शुरू करने के लिए सबसे पहली योजना देश के सभी गांवों और शहरों में शौचालय बनवाने की शुरू की है। इस योजना के तहत खुले में शौच करने वाले लोगों को खास करके महिलाओं को इससे होने वाली परेशानियों एवं शारीरिक नुकसानों के बारे में बताते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया गया है और उन्हें शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए भी अनुरोध किया गया है।

इसके लिए सरकार ने देश के सभी छोटे बड़े गांव कस्बों में शौचालय बनाने का अभियान चलाया साथ ही सभी बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा पर्यटन स्थल आदि में भी सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाने का फैसला किया। इस तरह देश में कुल 1.2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य सरकार द्वारा तय किया गया और जो ऑलमोस्ट पूरा हो गया है। ताकि हमारा देश हमारा भारत देश खुले में शौच से मुक्त हो सके।

दूसरा था सड़कों की सफाई करना :- देश के कई स्थानों पर जैसे मैदानों, सड़कों, पर्यटन स्थल, बीच आदि पर लोगों द्वारा कचरा फैलाने के कारण बहुत अधिक प्रदूषण फैलता है|

इसके लिए सरकार ने ऐसे कई स्थानों पर सफाई करके और अलग-अलग डस्टबिन रखने की योजना बनाई और लोगों को उस कचरा पेटी में कचरा फेंकने की अपील की।
तीसरा है कचरे का प्रबंधन :- कचरा तो सभी जगह इकट्ठा होता है ऐसे में उसका सही प्रबंधन होना बहुत आवश्यक है। इसके लिए सरकार ने कुछ चरणों के माध्यम से कचरे का प्रबंधन किया। पहला कचरे को अलग-अलग इकट्ठा करना। नए नियम के अनुसार कचरे को तीन अलग-अलग श्रेणियों में रखना बहुत महत्वपूर्ण था।

बायोडिग्रेडेबल मतलब कि अपने आप से ही सड़ने वाला गीला कचरा दूसरा सूखा कचरा जैसे प्लास्टिक, पेपर, धातु लकड़ी और तीसरा घरेलू कचरा। ऐसा करने से कचरा इकट्ठा करने वालों को भी आसानी होती है। सूखे कचरे को भी रिसाइकलिंग करके पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

एक और नियम बनाया गया जिसके तहत कचरा फेंकने वाले लोगों को कचरा इकट्ठा करने, डिस्पोजेबल और कचरे की प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए कचरा इकट्ठा करने वाले लोगों को कुछ पेमेंट करना होगा। सभी सड़कों पर दुकान लगाने वाले विक्रेताओं को खाद्य कचरे, डिस्पोजेबल प्लेट, बचा हुआ भोजन, सब्जियां और फल आदि के भंडारण के लिए उचित कंटेनर और डब्बों को रखवाया जाने लगा। वह कचरा जिसे रिसायकिल नहीं किया जा सकता उसे लैंडफिल में खत्म किया गया। इसका उपयोग ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाने लगा। रेलवे स्टेशन और ट्रेन की सफाई की जाने लगी।

Swachh Bharat Abhiyan अभियान में हिस्सा लेने किसी भी समय भाग ले सकते हैं। एक भारतीय होने के नाते इसमें शामिल होने के लिए हमें हमारे हाथ में झाड़ू लेकर अपने आसपास के गंदे स्थानों की साफ सफाई करने की जरूरत है। अतः हमें अपने हाथों को एक साथ मिलाकर और स्वच्छता अभियान को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाकर इस मिशन में भाग लेना चाहिए क्योंकि स्वच्छ भारत के लक्ष्य की प्राप्ति प्रत्येक भारतीय नागरिक के प्रयास के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है ना कि केवल सरकार के प्रयास से।

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